अल्फ़ाज़-ए-हिम
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इंसान जज्बाती है...और यही ज़ज़्बात उसे इंसान बनाये रखा है. जज्बात के हटते ही इंसान निरा मशीन के अलावा कुछ भी नही। जज्बात जो दिल की बात करे उस...
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ये इश्क़ क्या है... किसी के सौंदर्य का घायल हो जाना या किसी के ज़ज़्बात का हकदार होना? ये इश्क़ क्या है... जाने-अनजाने में किसी को खुशियों का ...
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यह एक स्वाभाविक बात है कि लोग हमें अपने मानकों पर खरा उतरता देखना चाहते हों और यह भी निहायत संभव है कि आप उन सभी के तय मानकों पर खरा न उतर ...
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बात धुमकुड़िया-2018 के छाँव तले हो रही है, इसलिए मैं धुमकुड़िया के जिक्र के साथ अपनी बात शुरू करना चाहूंगा। धुमकुड़िय...